क्लेश ने दो बच्चों से छीनी मां की ममता

सिहुंता (चंबा)। सिहुंता की बनेट पंचायत में हुई विवाहिता की मौत पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। बुधवार शाम को गांव के साथ लगते जंगल में विवाहिता का शव पूरा रात रस्सी से लटकता रहा। मायके वालों ने मामले की फोरेंसिक जांच करने की मांग करके स्थानीय पुलिस को शव को पेड़ से नीचे नहीं उतारने दिया।
वीरवार को जब धर्मशाला स्थित फोरेंसिक साइंस लैब की टीम आई तब जाकर शव नीचे उतारा गया। मामले को गंभीर होता देख वीरवार को डीएसपी हैड क्वार्टर जितेंद्र चौधरी को भी मौके पर भेजा गया था। उनकी मौजूदगी में फोरेंसिक टीम के आने के बाद ही शव को पेड़ से नीचे उतारा गया। उर्मिला के मायके वालों को उसकी मौत को लेकर उसके पति और ससुर पर शक था। इस बात की भी आशंका जताई जा रही थी कि कहीं उर्मिला की हत्या करके शव को पेड़ से न टांगा गया हो। इसे देखते हुए उसके मायके वाले फोरेंसिक जांच पर अडे़ हुए थे। इसके चलते स्थानीय पुलिस और उर्मिला के परिजनों ने पूरी रात जंगल में ही बिताई। वहीं महिला की संदिग्ध मौत के चलते पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। इस दुखदायी हादसे ने मृतका के दो छोटे-छोटे बच्चों से मां का प्यार छीन लिया है। एक बच्चे की उम्र पांच और एक की उम्र ढाई वर्ष है।
बताया जा रहा है कि 15 दिन पहले भी मृतका के साथ मारपीट हुई थी। मारपीट का मामला पंचायत तक पहुंचा था और पंचायत ने उसके पति को चेतावनी दी थी। उसे कहा गया था कि अगर वह मारपीट करने से बाज नहीं आया तो पंचायत उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। मृतका के मायके वालों ने आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या नहीं मर्डर है। मृतका के भाई पवन कुमार ने इस मामले में कई संगीन आरोप जड़े हैं। उन्होंने बताया कि उसकी बहन की शादी वर्ष 2008 में हुई थी। शादी के तीन माह बाद उसका पति व ससुर उसके मारपीट व मारपीट करते थे। उसके घर की खर्च मायके वाले देते थे। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है और बहन के दोनों बच्चों को मायके वालों को सौंपने की मांग की है।

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